हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी विकास संघ द्वारा दिनांक 28/03/2026 को मंडी जिले के सुंदरनगर ब्लॉक में " व्यापारी विकास योजना" विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण शिविर का सफल आयोजन किया गया। यह शिविर सहकारी क्षेत्र को सुदृढ़ करने एवं वर्तमान आवश्यकताओं के अनुरूप उसे अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ। इस प्रशिक्षण शिविर में मुख्यतः हिमकोफैड के निदेशक श्री केशव नायक , सहायक पंजीयक सहकारी सभाएं जिला मंडी श्री राजेश जसवाल तथा जिला सहकारी विकास संघ मंडी के अध्यक्ष श्री संजय गौड़ , विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके मार्गदर्शन एवं गरिमामयी उपस्थिति में लगभग 110 प्रतिभागियों जिनमें विभिन्न सहकारी सभाओं के सचिव एवं प्रबंधक समिति के सदस्य ने भाग लिया। शिविर में विशेषज्ञ वक्ता के रूप में डॉ० जगदीश शर्मा जी उपस्थित रहे। शिविर का मुख्य विषय " व्यापारी विकास योजना" रहा जिसके अंतर्गत डॉ० जगदीश शर्मा जी ने विस्तृत एवं व्यावहारिक व्याख्यान प्रस्तुत किया। उन्होंने वर्तमान में सहकारी सभाओं की कार्यप्रणाली का गहन विश्लेषण करते हुए इस बात पर बल दिया कि बदलते समय के अनुरूप कार्यप्रणाली में आवश्यक परिवर्तन एवं विविधीकरण (Diversification) अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नवाचार एवं आधुनिक दृष्टिकोण को अपनाकर ही सहकारी संस्थाएँ प्रतिस्पर्धात्मक वातावरण में आगे बढ़ सकती हैं। सचिव सहकारी विकास संघ शिमला श्री गौरव जरियाल ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए बताया कि सहकारी शिक्षा एवं प्रशिक्षण के क्षेत्र में निरंतर नवीनीकरण किया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि सहकारी विकास संघ शिमला द्वारा संचालित डिप्लोमा पाठ्यक्रमों की संबद्धता(Affiliation) त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय अहमदाबाद से प्राप्त करने की प्रक्रिया जारी है। इसके अतिरिक्त जिला ऊना में एक आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र का निर्माण किया जा रहा है जहाँ भविष्य में एमबीए एवं सहकारिता विषय में स्नातकोत्तर (Postgraduate) पाठ्यक्रम प्रारंभ किए जाएंगे। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में सहकारिता का क्षेत्र और अधिक व्यापक एवं सशक्त होगा। श्री केशव नायक जी ने प्रतिभागियों को आश्वस्त किया कि सहकारी सभाओं, सचिवों एवं कर्मचारियों की समस्याओं को सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाया जाएगा तथा मंडी जिले में सहकारी आंदोलन को नई ऊँचाइयों तक पहुँचाने के लिए ठोस एवं सतत प्रयास किए जाएंगे। समग्र रूप से यह प्रशिक्षण शिविर ज्ञानवर्धक, प्रेरणादायक एवं व्यावहारिक दृष्टि से अत्यंत उपयोगी सिद्ध हुआ। प्रतिभागियों की सक्रिय सहभागिता एवं विशेषज्ञों के मार्गदर्शन ने यह स्पष्ट किया कि ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम सहकारी क्षेत्र के सशक्तीकरणए आधुनिकरण एवं भविष्य की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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