निरमंड में हिमकोफैड द्वारा खण्ड स्तरीय सहकारी प्रशिक्षण शिविर का आयोजन
निरमंड, 14 अक्तूबर, 2026। हिमाचल प्रदेश राज्य सहकारी विकास महासंघ (हिमकोफैड) के सौजन्य से विकास खण्ड निरमंड में सहकारी सभाओं के सदस्यों एवं पदाधिकारियों के लिए एक दिवसीय खण्ड स्तरीय सहकारी प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में हिमकोफैड के अध्यक्ष श्री विक्रम शर्मा ‘डिक्की’ ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की। कार्यक्रम के आरम्भ में जिला सहकारी विकास संघ, कुल्लू के संचालक मण्डल के सदस्य, सहकारिता विभाग के निरीक्षक तथा सहकारी सभाओं के प्रतिनिधियों ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। इस अवसर पर हिमकोफैड के निदेशक श्री दौलत राम ठाकुर ने उपस्थित सदस्यों का स्वागत करते हुए कहा कि सहकारी शिक्षा एवं प्रशिक्षण कार्यक्रम सहकारी सभाओं के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने प्रत्येक सदस्य से सहकारी गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करने तथा सहकारिता मंत्रालय की योजनाओं को धरातल पर लागू करने में सहयोग देने का आह्वान किया। उन्होंने सहकारी सभाओं को समयानुकूल आधुनिक उपविधियां अपनाने पर भी बल दिया । जिला सहकारी विकास संघ, कुल्लू के अध्यक्ष श्री अनिल सूद ने अपने सम्बोधन में कहा कि सहकारी शिक्षा एवं प्रशिक्षण शिविरों का नियमित आयोजन आवश्यक है, ताकि सहकारी सभाओं के सदस्य, कर्मचारी एवं पदाधिकारी अपने व्यावहारिक ज्ञान और कार्यकुशलता में वृद्धि कर सकें तथा सभाओं के विकास में प्रभावी योगदान दे सकें। शिविर के दौरान हिमकोफैड के सचिव श्री गौरव जरियाल ने उपस्थित सदस्यों को राष्ट्रीय स्तर पर संचालित विभिन्न सहकारी योजनाओं एवं कार्यक्रमों की जानकारी प्रदान की। उन्होंने सहकारी सभाओं के सुदृढ़ीकरण के लिए प्रशिक्षण एवं जागरूकता के महत्व पर भी प्रकाश डाला। शिविर के समापन अवसर पर हिमकोफैड के अध्यक्ष श्री विक्रम शर्मा ‘डिक्की’ ने सहकारी प्रशिक्षण के क्षेत्र में संस्था द्वारा किए जा रहे प्रयासों की जानकारी देते हुए बताया कि हिमकोफैड, त्रिभुवन सहकारी विश्वविद्यालय, अहमदाबाद के साथ सम्बद्धता प्राप्त करने की दिशा में कार्य कर रहा है। उन्होंने बताया कि ऊना जिला के पंजावर में मियां हीरा सिंह के नाम पर एक आधुनिक सहकारी प्रशिक्षण केन्द्र विकसित किया जा रहा है। इस केन्द्र के माध्यम से प्रदेश एवं देश के युवाओं को सहकारिता के क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण प्रदान करने की दिशा में कार्य किया जाएगा। उन्होंने आशा व्यक्त की कि इन प्रयासों से सहकारी आंदोलन को नई दिशा मिलेगी तथा सहकारी संस्थाओं की कार्यक्षमता और प्रबंधन में सुधार होगा। इस प्रशिक्षण शिविर का उद्देश्य सहकारी सभाओं के सदस्यों एवं पदाधिकारियों को सहकारिता के सिद्धांतों, नवीन योजनाओं तथा प्रभावी प्रबंधन के प्रति जागरूक करना और प्रदेश में सहकारी आंदोलन को और अधिक सशक्त बनाना रहा।